मकर ज्योति मानव निर्मित है या नहीं, स्पष्ट करें : न्यायालय (लीड-1)
न्यायाधीश थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायाधीश पी. भावादशन की खंडपीठ ने कहा कि वह मकर ज्योति के सम्बंध में गंभीर हैं और राज्य सरकार और सबरीमाला मंदिर की व्यवस्था संचालित करने वाले देवासम बोर्ड को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह ज्योति मानव निर्मित है या नहीं।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा दायर रिपोर्ट को देखने के बाद न्यायालय ने एक वन आरक्षित क्षेत्र में कम संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर अपनी असंतुष्टि जाहिर की। न्यायालय ने पूछा कि इस क्षेत्र में हजारों लोगों और वाहनों को जाने की अनुमति कैसे दी गई।
ज्ञात हो कि गत 14 जनवरी की रात सबरीमाला के समीप पुलुमेदू में मचे भगदड़ में 102 लोगों की मौत हो गई थी। तीर्थयात्रा के अंतिम दिन सबरीमाला मंदिर के ऊपर आकाश में मकर ज्योति तीन बार दिखाई दी थी। न्यायालय ने केरल सरकार और देवासम बोर्ड से मकर ज्योति के पीछे तथ्यों का खुलासा करने के लिए कहा है।
न्यायालय ने कहा, "आप तर्क दे सकते हैं कि यह आस्था का सवाल है, लेकिन लोगों को हकीकत बताई जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि आप सच्चाई के साथ आएं।"
देवासम बोर्ड के वकील ने न्यायालय में दलील दी कि मकर ज्योति आस्था का मुद्दा है।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय की पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार और सबरीमाला तीर्थयात्रा के विभिन्न विभागों के प्रभारियों को भगदड़ मामले में एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। इस मामले में पुलिस, वन विभाग और देवासम बोर्ड ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में विरोधाभासी बातें कही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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