येदियुरप्पा के खिलाफ मुकदमे के बारे में निर्णय दो दिनों में: भारद्वाज (लीड-1)
भारद्वाज ने पत्रकारों से कहा, "मैं दो दिन में आपको अपना फैसला बताउंगा।"
बेंगलुरू के दो वकीलों ने मुख्यमंत्री पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए राज्यपाल से मंजूरी मांगी है। इसके खिलाफ राज्य मंत्रिपरिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल से इसे नामंजूर करने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने यदियुरप्पा पर मुकदमा चलाए जाने की अनुमति देने पर प्रदेश में बंद आयोजित करने की चेतावनी दी है।
इस चेतावनी पर भाजपा पर तीखा वार करते हुए भारद्वाज ने एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।"
भारद्वाज ने कहा, "यह सब आज की राजनीति का हिस्सा है। इन सब चीजों से मैं नहीं डरता।"
भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने दोनों वकीलों द्वारा लगाए गए आरोपों के सम्बंध में सरकार से सभी दस्तावेज देने को कहा है।
उन्होंने कहा, "मैंने सरकार से 20 जनवरी तक सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है लेकिन अभी तक मुझे दस्तावेज नहीं मिले हैं।"
भारद्वाज ने भाजपा नेताओं के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमे उन्होंने कहा है राज्यपाल ने दस्तावेज मांगने से पहले ही फैसला कर लिया था।
उन्होंने कहा, "आज तक तो मैंने अपनी सोच के बारे में किसी को नहीं बताया।"
बेंगलुरू के दो वकील सिराजिन भाषा और के. एन. बालाकृष्ण ने 28 दिसम्बर को भारद्वाज को 1,700 पृष्ठों के दस्तावेज सौंपे थे और दावा किया था कि इन दस्तावेजों में येदियुरप्पा, उनके दो बेटों और कुछ मंत्रियों के भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के सौ से ज्यादा मामलों का खुलासा हुआ है।
उन्होंने राज्यपाल से येदियुरप्पा और गृह एवं परिवहन मंत्री आर अशोक पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications