मप्र के मंत्री सैकड़ों करोड़ के मालिक : दिग्विजय
सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। जब प्रदेश के अफसरों के पास से अरबों की संपत्ति मिल रही है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंत्रियों के पास कितनी संपत्ति होगी।
उन्होंने मांग की कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि मंत्रियों के पास वर्ष 2003 में कितनी संपत्ति थी और 2010 मे कितनी संपत्ति है। इस जांच से पता चलेगा कि मंत्रियों के पास सैकड़ों करोड़ की संपत्ति है। इस स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के पास कितनी संपत्ति होगी।
उन्होंने कहा, "मंत्रियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का खुलासा इस बात से होता है कि आयकर विभाग जिस मंत्री (अजय विश्नोई) को कमीशनखोर कहता है, उसको दोबारा मंत्री बनाया गया, क्योंकि शिवराज सरकार बिना कमीशन लिए कोई काम करती नहीं है। इतना ही नहीं मंत्रियों से लेकर बल्लभ भवन (प्रशासनिक भवन) तक के अधिकारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा चिल्हर बताए जाने पर दिग्विजय ने कहा, "10 साल तक मुख्यमंत्री और पांच साल मंत्री रहने के बाद भी मेरे पास चिल्हर ही चिल्हर है लेकिन ये नितिन गडकरी जो कुछ समय मंत्री रहे और जिसने एक भी चुनाव नही जीता, आज वह खरबपति हो गए हैं। यही उनमें और मुझमें फर्क है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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