मंत्रिमंडल की बैठक में काले धन पर चर्चा
बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी एक टिप्पणी में पूछा था कि सरकार क्यों 15 खरब डॉलर के 'राष्ट्रीय लूट' में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है।
दरअसल, विदेशी बैंकों में अवैध धन जमा करने वाले भारतीयों के नाम उजागर करने में केंद्रीय सरकार की अनिच्छा को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल में हुई चर्चा के बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री शीघ्र ही मीडिया को जानकारी देंगे।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि विदेशों में काला धन जमा करने वालों के नाम सर्वाजनिक नहीं किए जा सकते क्योंकि इससे भारत के दूसरे देशों के साथ हुए समझौतों का उल्लंघन होगा।
मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान पत्रकारों के सवाल पर प्रधानंत्री ने कहा, "सूचना को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। यह समझौतों का उल्लंघन होगा।"
उन्होंने कहा था, "काले धन को वापस लाने का कोई त्वरित तरीका नहीं है। हमें कुछ सूचना मिली है और वह हमे कर संग्रह के लिए मिली है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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