'असहमत' ओबामा और जिंताओ के बीच 45 अरब के समझौते
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ अर्थव्यवस्था से लेकर मानवाधिकार से जुड़े कई मुददें पर असहमत रहे लेकिन दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया और करीब 45 अरब डॉलर के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए।
व्हाइट हाउस पहुंचने पर ओबामा ने जिंताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। जिंताओ को 21 तोपों की सलामी दी गई और आगवानी के पारम्परिक तरीकों से उनका स्वागत किया गया।
बुधवार शाम को जिंताओ व्हाइट हाउस में आयोजित भोज में शामिल हुए। वहीं ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी और सीनेट में बहुमत के नेता हैरी रीड ने इस दौरे का उत्साह ठंडा करते हुए एक साक्षात्कार में जिंताओ को 'तानाशाह' करार दिया। रीड औपचारिक राजकीय भोज में भी शामिल नहीं हुए।
बुधवार सुबह दोनों शीर्ष नेताओं की वार्ता के बाद एक घंटे तक चले संवाददाता सम्मेलन में जिंताओ ने कहा कि चीन ने मानवाधिकार के मुदद्े पर महत्वपूर्ण प्रगति की है लेकिन अभी और भी बहुत किया जाना है। उन्होंने चीनी बाजार में विदेशी कम्पनियों पर नियंत्रण कम करने के प्रति भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जिंताओ के साथ अपनी आठवीं मुलाकात में ओबामा ने दोहराया कि चीन की मुद्रा अवमूल्यित है और इससे मजबूत होने की छूट दी जानी चाहिए ताकि दोनों देशों की कम्पनियों को व्यापार के समान अवसर प्राप्त हो सकें।ओबामा ने कहा, "सकारात्मक, रचनात्मक अमेरिका-चीन सम्बंध संयुक्त राज्य अमेरिका के हित में हैं।" ओबामा ने कहा कि दोनों देशों को हर मुद्दे पर एक दूसरे को प्रतिद्वंद्वी की नजरिए से नहीं देखना चाहिए।
ओबामा ने कहा कि अमेरिका की मंशा चीन को रोकने की नहीं है बल्कि हम उसके विकास से लाभ लेना चाहते हैं।चीन में मानवाधिकारों के मुद्दे पर जिंताओ ने कहा, "चीन हमेशा मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इस क्षेत्र में चीन ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।"
शाम को दोनों देशों के बीच 45 अरब डॉलर के व्यापार समझौतों की घोषणा की गई। ओबामा नें कहा कि इन समझौतों से अमेरिका में 2,35,000 रोजगार निर्मित होंगे।












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