मनमोहन मंत्रिपरिषद में विस्तार, विभागों में बड़ा फेरबदल (लीड-3)
प्रधानमंत्री द्वारा किए गए मंत्रिपरिषद के विस्तार और विभागों के फेरबदल में किसी भी मंत्री को हटाया नहीं गया है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल, कोयला राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और अल्पसंख्यक एवं कार्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री सलमान खुर्शीद को केंद्रीय मंत्री का दर्जा दिया गया है। तीनों के पास इससे पहले स्वतंत्र प्रभार था।
समाजवादी पार्टी (सपा) छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए बेनी प्रसाद वर्मा को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार, युवा नेता के.सी. वेणुगोपाल को राज्य मंत्री के रूप में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। मनमोहन मंत्रिपरिषद में ये तीनों नए चेहरे हैं।
राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में बुधवार शाम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने इन सभी नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में उपराष्ट्रपति डा. हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित मनमोहन मंत्रिपरिषद के कई सदस्य व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपनी मंत्रिपरिषद में फेरबदल के साथ प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के विभागों में भी तब्दीलियां की हैं।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री बनाया गया है जबकि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री कमलनाथ को रेड्डी के स्थान पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री बनाया गया है। पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा को कार्पोरेट मामलों का जिम्मा सौंपा गया है। सी.पी. जोशी से ग्रामीण विकास मंत्रालय छीनकर उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बनाया गया है।
कृषि मंत्री शरद पवार से खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों का प्रभार वापस ले लिया गया। पवार के पास अब सिर्फ कृषि मंत्रालय का प्रभार रह गया है। उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों का विभाग के.वी. थॉमस को दिया गया है। थॉमस पवार के मंत्रालय में राज्य मंत्री थे और बुधवार को उन्हें प्रोन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता पटेल को केंद्रीय मंत्री का दर्जा देकर भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय सौंपा गया है। इससे पहले यह विभाग महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलास राव देशमुख के पास था। देशमुख को सी. पी. जोशी के स्थान पर ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा देशमुख को पंचायत राज का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
खुर्शीद को पदोन्नत कर केंद्रीय मंत्री बनाया गया है और उन्हें जल संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जायसवाल की भी पदोन्नति हुई है। उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया है लेकिन उनका विभाग नहीं बदला गया है। अब वह केंद्रीय कोयला मंत्री हो गए हैं।
प्रवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री वायलार रवि की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इस फेरबदल में दो राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया हैं। ये हैं गृह राज्य मंत्री अजय माकन और कृषि, उपभोक्ता मामलों, खाद्य व नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री के. वी. थॉमस।
माकन को युवा व खेल मामलों का मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है जबकि थॉमस को उपभोक्ता मामलों, खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। माकन से पहले एम. एस. गिल खेल व युवा मामलों के मंत्री थे। गिल को सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन दोनों के अलावा मनमोहन मंत्रिपरिषद में पहली बार शामिल किए गए समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता बेनी प्रसाद वर्मा को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। वर्मा को इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
नए चेहरे के रूप में मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए गए अश्विनी कुमार को संसदीय कार्य, विज्ञान व प्रौद्योगिकी तथा के. सी. वेणुगोपाल को ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेल राज्य मंत्री ई. अहमद को विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्रियों में वीरभद्र सिंह को सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम मंत्रालय, बी.के. हांडिक को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, कुमारी शैलजा को आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन और संस्कृति का अतिरिक्त कार्यभार, सुबोध कांत सहाय को पर्यटन, पवन कुमार बंसल को संसदीय कार्य और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
दिनशॉ पटेल को खान मंत्रालय का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।
राज्य मंत्रियों में हरीश रावत को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, वी. नारायणसामी को संसदीय कार्यमंत्री एवं कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, प्रधानमंत्री कार्यालय जबकि गुरुदास कामत को गृह मंत्रालय, ए. साई प्रताप को भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम, भरतसिंह सोलंकी को रेलवे, जितिन प्रसाद को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, महादेव एस. खंडेला को जनजाति मंत्रालय, आर.पी.एन. सिंह को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कार्पोरेट मामले, तुषारभाई चौधरी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, अरुण यादव को कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, प्रतीक प्रकाशबापू पाटील को कोयला, विंसेट पाला को जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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