वोडाफोन कर विवाद सद्भावना पूर्वक सुलझा लिया जाएगा : ब्रिटेन
भारतीय आयकर विभाग के मुताबिक वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग पर भारतीय कम्पनी हचिसन एस्सार के अधिग्रहण के मामले में 11,000 करोड़ रुपये के कर की देनदारी बनती है।
ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार और कौशल मंत्री विंस केबल ने बुधवार को कहा कि भारत में वोडाफोन एक महत्वपूर्ण कम्पनी है। इसका साझा उद्यम यहां तेजी के साथ प्रगति कर रहा है। अन्य निवेशकों की तरह उसे भी यहां की कर व्यवस्था में स्थिरता की जरूरत है।
भारत-ब्रिटेन साझी आर्थिक और व्यापार समिति के सलाना सम्मेलन में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ब्रिटिश सरकार को इस विवाद के अच्छे परिणाम की उम्मीद है।
भारत के आयकर विभाग ने वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स पर 11,000 करोड़ रुपये की कर देनदारी का दावा किया है। यह दावा 2007 में भारतीय दूरसंचार कम्पनी हचिसन एस्सार के अधिग्रहण के सिलसिले में किया गया है। वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स दुनिया के सबसे बड़ी टेलीफोन सेवा प्रदाता समूह वोडाफोन समूह पीएलसी की एक सहायक कम्पनी है।
सम्मेलन में वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत अधिक से अधिक विदेशी निवेश के लिए उदारीकरण की नीति पर चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षो में भारत चीन के बाद निवेश का दूसरा आकर्षण केंद्र हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की दूसरी कम्पनियां भी भारत में अपना निवेश बढ़ाना चाहती हैं।
शर्मा ने बताया कि ब्रिटेन ने भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश किया है। जबकि भारतीय कम्पनियों ने ब्रिटेन में 20 अरब डॉलर का निवेश किया है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार भी 2010 में बढ़कर 10 अरब डॉलर को पार कर गया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में द्विपक्षीय व्यापार फिर एक बार 10 अरब डॉलर पार कर गया हे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications