कलमाडी के सहयोगी जयचंद्रन को जमानत मिली
जयचंद्रन की गिरफ्तारी के करीब 60 दिन के भीतर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर करने में असमर्थ रहने पर न्यायाधीश हीमा कोहली ने उन्हें जमानत दी।
आयोजन समिति के संयुक्त निदेशक (वित्त) जयचंद्रन को क्वींस बैटन रिले समारोह के दौरान लंदन में भारतीय स्वामित्व वाली निजी कम्पनी एएम कार एंड वैन हायर लिमिटेड को आपत्तिजनक भुगतान करने पर गत 21 नवंबर 2010 को गिरफ्तार किया गया।
इस बीच सीबीआई ने न्यायालय के समक्ष यह स्वीकार किया कि वह इस मामले में आरोपपत्र दाखिल नहीं करने जा रही है।
न्यायालय ने जयचंद्रन को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी।
ज्ञात हो कि इस मामले में सीबीआई द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने में असफल होने पर न्यायालय इसके पहले आयोजन समिति के अधिकारियों संजय महेंद्रू और टी.एस. दरबारी को जमानत दे चुका है।
अपराध प्रक्रिया संहिता के मुताबिक यदि जांच एजेंसी आरोपी की गिरफ्तारी के दो महीनों के भीतर उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने में असफल होती है तो उसे विचाराधीन मामले में जमानत मिल जाती है।
अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से पहले लंदन में 29 अक्टूबर 2009 को आयोजित बैटन रिले समारोह के लिए जो ठेका दिया उससे राजकोष को 1.55 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। इस मामले में अधिकारी जांच का सामना कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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