पाकिस्तान तेज भूकम्प, दिल्ली में भी झटके (लीड-1)
मंगलवार रात को 1:23 बजे आए इस भूकम्प से गहरी नींद में सो रहे लोगों ने भी झटके महसूस किए। ज्यादातर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ लोग कुरान की आयतें पढ़ते देखे गए।
भूगर्भ विज्ञान विभाग के मुताबिक भूकम्प का केंद्र बलूचिस्तान प्रांत के पहाड़ी इलाके में स्थित दलबंडिन कस्बे में स्थित था।
उत्तरी पाकिस्तान में अक्टूबर 2005 में आए 7.6 रिक्टर तीव्रता के भूकंप से 70,000 लोगों की मौत हो गई थी।
समाचार चैनल 'जियो न्यूज' के मुताबिक जकोबाबाद की 35 वर्षीय महिला हलीमा बीबी और क्वेटा की रजिया बीबी की हृदयाघात से मौत हो गई। मुल्तान में भी तीन लोगों को हृदयाघात के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों लोगों को चोटें लगी हैं।
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक कराची में भूकम्प के कारण घरों से बाहर निकले हजारों लोगों ने सड़कों पर ही रात बिताई।
बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के एक निर्माण कारीगर मोहम्मद रहमान ने कहा, "जब धरती कांपी तब मैं चाय पी रहा था। हे भगवान, यह बहुत भयानक था। मैं अपने दो बच्चों और पत्नी को साथ लेकर तुरंत घर से बाहर निकल आया।"
पाकिस्तान के मुख्य भूगर्भशास्त्री मोहम्मद रियाज ने कहा कि ज्यादा तीव्रता के बावजूद भूकंप से काफी कम नुकसान हुआ है क्योंकि भूकम्प का केंद्र जमीन में काफी गहराई पर था और यह कम जनसंख्या वाले पहाड़ी इलाके में स्थित था।
भारत के उत्तरी इलाकों में भी इस भूकम्प के झटके महसूस किए गए। दिल्ली, जयपुर, बाड़मेर, गंगानगर और जैसलमेर के अलावा राजस्थान और हरियाणा के कई हिस्सों में भूकम्प के झटके महसूस किए गए।
भारत में भूकम्प से किसी तरह का कोई नुकसान या क्षति होने की खबर नहीं है।
दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
दिल्ली के सरोजनी नगर इलाके की निवासी अर्चना कौल ने कहा, "हम जब सो रहे तब अचानक तेज आवाजें आनी शुरू हुईं। हम तुरंत घर से बाहर निकल गए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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