मिर्चपुर हिंसा : जाट समुदाय का 5वें दिन भी प्र्दशन जारी
जिला प्रशासन और जाट समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत विफल रही है और गतिरोध बना हुआ है।
महिलाओं सहित जाट समुदाय के सैकड़ों लोगों ने शनिवार से ही जींद रेलवे स्टेशन के समीप जुलानी गांव में पटरी पर डेरा डाल रखा है। इसकी वजह से दिल्ली-फिरोजपुर मार्ग पर रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जाट महापंचायत ने हिसार जिले के मिर्चपुर गांव की पिछले साल की जातीय हिंसा की सीबीआई से नए सिरे से जांच कराने की मांग है। इस हिंसा में दो दलित मारे गए थे। प्रदर्शनकारी मामले की सुनवाई को दिल्ली से हिसार स्थानांतरित करने और गिरफ्तार जाट युवकों की रिहाई की भी मांग कर रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की मांग स्वीकार किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को बाकी मांगें पूरी न होने तक प्रदर्शन खत्म करने से इंकार कर दिया।
जाट महापंचायत के सचिव सुरेश कोठ ने कहा, "हम राज्य सरकार के आश्वासन मात्र से संतुष्ट नहीं हैं। हम चाहते हैं कि वह जल्द कदम उठाए और मामले को तुरंत हिसार स्थानांतरित करे। बैठक के दौरान सरकारी अधिकारी हमारे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।"
उन्होंने बताया, "हम यहां से हटने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करेंगे।"
उल्लेखनीय है कि पिछले साल मिर्चपुर गांव उस समय सुर्खियों में आया था जब जाट समुदाय के लोगों ने दलितों के मकानों को आग लगा दी थी। इसमें एक 70 वर्षीय बुजुर्ग और उसकी 18 वर्षीया विकलांग बेटी की जलकर मौत हो गई थी।
पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इस मामले की सुनवाई को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था। इस मामले में गिरफ्तार कुल 98 जाट युवकों दिल्ली की एक जेल में रखा गया है।
महापंचायत ने सरकार से अपनी मांगे 15 जनवरी तक पूरी करने को कहा था।
पिछले कई दिनों से रेल पटरी की नाकेबंदी से कई रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया या लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों के मार्गो में बदलाव किए गए हैं।
रेवले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमें मजबूरन कुछ रेलगाड़ियों को रद्द करना पड़ा और ज्यादातर लम्बी दूरी की रेलगाड़ियां निर्धारित समय की देरी से चल रही हैं। लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों को पानीपत, कुरुक्षेत्र और हिसार के रास्ते भेजा जा रहा है। इससे रेलवे को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।"
प्रदर्शकारियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सत्ताधारी दल कांग्रेस सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इंडियन नेशनल लोक दल के कई नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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