भूली-बिसरी विरासत से रूबरू कराएंगे बच्चे
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उनके पास स्थानों और लोगों से जुड़ी ऐसी कहानियां हैं जिन्हें समय ने भुला दिया है। वे न तो इतिहासकार हैं न पुरातत्वविद, बल्कि वे तो बच्चे हैं जो अपने शहरों को जानेंगे और वृत्तचित्र के माध्यम से लोगों को उनकी भूली-बिसरी कहानियों से रूबरू कराएंगे।
देश के विविध हिस्सों से चुने गए पांच बच्चे फॉक्स हिस्ट्री चैनल पर प्रसारित होने वाले 'माई सिटी माई हिस्ट्री' नामक कार्यक्रम पर ये दास्तान सुनाएंगे। ये भी सामान्य बच्चे हैं जो देश भर में 10 लाख बच्चों के बीच से कड़ी प्रतियोगिता के बाद चुने गए हैं।
इन पांच बच्चों में से रोहिणी मोहन (कोच्चि, केरल), खान तौसीफ अहमद (औरंगाबाद, महाराष्ट्र), रक्षा राय (सिक्किम), सृष्टि सोनी (वाराणसी, यूपी) और आयूश गणपति (कोडाग, कर्नाटक) हैं। इस प्रयास में कर्नाटक का आयूश तो अपने खानदान के इतिहास को लोगों के सामने रखेगा।
इस मुहिम के बारे में फॉक्स हिस्ट्री चैनल के वरिष्ठ
उपाध्यक्ष (विषयवस्तु) रमन छिब ने बताया कि '' 'माई सिटी माई हिस्ट्री' नामक इस कार्यक्रम का यह दूसरा साल है जिसमें इस तरह के कार्यक्रमों को प्रसारित किया जा रहा है। इस तरह के प्रयासों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी विरासत के प्रति जागरूक कर उसे सहेजने के प्रेरित करना है।
फॉक्स चैनल ने इस कार्यक्रम के लिए बच्चों का चयन इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज के सहयोग से किया।
संस्था के दिल्ली के संयोजक ए. जी. के. मेनन कहना था 'हम भारतीय अपनी विरासत पर गर्व तो करते हैं लेकिन उनके संरक्षण के प्रति उदासीन रहते हैं।' इस प्रयास का उद्देश्य बच्चों को अपने विरासत के प्रति संवेदनशील बनाना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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