बांदा बलात्कार : पीयूसीएल को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अनुमति
इलाहाबाद, 18 जनवरी(आईएएनएस)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बांदा बलात्कार मामले में पक्षकार बनने की गैर सरकारी संगठन पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टी (पीयूसीएल) के आवेदन को मंगलवार को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने पीयूसीएल को पीड़िता से मिलकर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा व न्यायमूर्ति एन.सी. अग्रवाल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
न्यायालय ने पीयूसीएल की महासिचव वन्दना मिश्र और अधिवक्ता दीबा सिद्दीकी को बलात्कार पीड़िता से मिलकर मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अनुमित दी। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 21 जनवरी तय की है।
न्यायालय ने दोषी वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है।
ज्ञात हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 15 जनवरी को पीड़ित लड़की की रिहाई और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए थे।
उल्लेखनीय है कि बांदा के शहबाजपुर गांव निवासी लड़की ने नरैनी विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके सहयोगियों पर गत 12 दिसम्बर की रात अपने साथ सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लगाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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