राजनयिक पर भारतीय कानूनों के तहत होगी कार्रवाई (लीड-1)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने पत्रकारों को बताया, "अधिकारी के स्वदेश लौटने पर मामले की पूरी जांच की जाएगी और जांच के परिणामों के आधार पर उस पर कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने कहा कि वर्मा पर भारतीय कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञात हो कि ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात तीसरे महत्वपूर्ण वरिष्ठ राजनयिक (आर्थिक) वर्मा कथित रूप से उन्मुक्ति कानूनों का हवाला देकर अपनी पत्नी पर हमले के आरोपों से बच गया था। ब्रिटेन की पुलिस ने वर्मा से पूछताछ भी की थी।
वर्मा की पत्नी ने उस पर पीटने का आरोप लगाया और वह सुरक्षा के लिए अपने पांच वर्षीय लड़के के साथ वर्मा से अलग रहने लगीं। वर्मा का सरकारी आवास छोड़ने के बाद उन्होंने मानवीय आधार पर ब्रिटेन में रहने के लिए आवेदन किया।
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस मामले को 'गंभीरता' से लिया है। उन्होंने कहा, "मामले की गंभीरता के अनुरूप इसे देखा गया है।"
उन्होंने कहा, "अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। उसका परिवार शीघ्र ही यहां पहुंच रहा होगा।"
प्रकाश ने बताया कि यद्यपि राजनयिक के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला अस्वीकार है। भारतीय उच्चायोग ने दोनों पक्षों को "वैवाहिक मुद्दों को परस्पर सुलझा लेने को ही सबसे बेहतर विकल्प" सुझाया है।
प्रवक्ता ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच भारतीय कानून के तहत की जाएगी। उन्होंने कहा, "हमारे पास एक पारदर्शी न्याय प्रणाली है। इस मामले को भारतीय कानूनों के तहत देखा जाएगा।"
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह ब्रिटेन के अधिकारियों ने भारत से वर्मा की राजनयिक छूट खत्म करने के लिए कहा था। उसने कहा, "वह ब्रिटेन में तैनात राजनयिकों द्वारा कानून तोड़ना बर्दाश्त नहीं करेगा।"
विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के प्रवक्ता ने लंदन में पिछले सप्ताह कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि हमने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात एक राजनयिक को उन्मुक्ति कानून के दायरे से बाहर करने का अनुरोध किया।"
उल्लेखनीय है कि बिटेन के विदेश कार्यालय के अधिकारी पिछले दिनों लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अधिकारियों से मिलकर इस मसले पर चर्चा की थी। ब्रिटेन राजनयिक पर मामला चलाना चाहता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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