2011 के अंत तक इस्तीफा दे दूंगा : श्रीधरन (साक्षात्कार)
प्रतिभा राजू और देवीरूपा मित्रा
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। लगातार 13 वर्षो से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष रहे ई. श्रीधरन इस साल के अंत तक अपना पद छोड़ देंगे। उनका कहना है कि उनके उत्तराधिकारी का चयन अगस्त महीने तक कर लिया जाएगा।
श्रीधरन ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मई-जून तक मेरी सेवानिवृत्त होने की योजना है। मैं दिल्ली सरकार से अपने उत्तराधिकारी को चुनने की अनुमति मांगूगा, जो मेरे साथ चार-पांच महीनों तक काम कर सके।"
श्रीधरन कहते हैं दिल्ली मेट्रो में यह उनका अंतिम वर्ष होगा। यह पूछे जाने पर कि यदि सरकार उनसे पद पर बने रहने को कहे तो वह क्या करेंगे। इसके जवाब में उन्होंने दो टूक कहा, "नहीं।"
उनका कहना है, "अब मेरी उम्र हो चुकी है और इस उम्र में ऐसी नौकरी नहीं हो सकती। अन्य को सीखने का भी मौका मिलना चाहिए। उन्हें भी ऐसी परियोजनाओं को सीखना चाहिए।"
78 वर्षीय श्रीधरन को गत वर्ष अप्रैल महीने में दिल का दौरा पड़ा था और इसके बाद उनकी बायपास सर्जरी हुई थी।
उन्होंने कहा कि वह मार्च-अप्रैल में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मिलेंगे और उनके समक्ष डीएमआरसी के नए अध्यक्ष के चयन का प्रस्ताव रखेंगे। "चयन बोर्ड में दिल्ली के मुख्य सचिव, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और मैं खुद को शामिल करने प्रस्ताव रखूंगा। चयन बोर्ड उम्मीदवार का चयन करेगा। हालांकि यह मेरा सरकार को प्रस्ताव होगा, जिसे स्वीकार करना या न करना उनके ऊपर निर्भर करेगा।"
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि उम्मीदवार का चयन पारदर्शी और बेहद पारदर्शी तरीके से हो ताकि सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार को यह अहम जिम्मेदारी दी जा सके। "यह पारदर्शी होगा और किसी भी सूरत में राजनीतिक नहीं होगा।"
श्रीधरन ने कहा डीएमआरसी का अध्यक्ष होने के नाते वह उन जरूरतों को समझते हैं कि इस पद के लायक कौन होगा और उम्मीदवार बेहतर परिणाम दे सकता है।
उल्लेखनीय है कि श्रीधरन की अगुवाई में उनके दल ने दिल्लीवासियों को त्वरित परिवहन सेवा दिल्ली मेट्रो की सौगात दी। दिल्ली मेट्रो की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 दिसंबर 2002 को हरी झंडी दिखाकर की थी।
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो पड़ोसी शहर गुड़गांव और नोएडा को जोड़ती है और इससे औसतन 15 लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। फिलहाल इसके अंतर्गत 133 स्टेशन हैं 188 रेलगाड़ियां हैं। इस साल के अंत तक रेलगाड़ियों की संख्या बढ़कर 208 हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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