'क्या निर्वाचित प्रमुख की उपेक्षा की जा सकती है'
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में विस्थापित हुए जनजातीय लोगों के पुनर्वास की योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन करने के लिए एक समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है जिसमें याचिककर्ता ने मुख्यमंत्री को शामिल नहीं करने की मांग की है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस. एस. निज्जर की खंडपीठ ने कहा, "संवैधानिक प्रावधानों के तहत क्या न्यायालय मुख्यमंत्री को लेकर इस तरह का निर्देश दे सकता है?"
न्यायालय ने कहा कि ऐसा करने पर इसके गंभीर और भयावह परिणाम सामने आएंगे।
न्यायालय ने यह अवलोकन दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर की याचिका पर दिया है। नंदिनी ने सल्वा जुडूम को खत्म करने, सुरक्षा बलों कब्जाए गए स्कूलों और आश्रमों खाली करने और अपने गांव छोड़कर गए जनजतीयों को एक निश्चित समय में पुनर्वास कराने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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