'अपराधियों, अलगाववादियों ने दिया घाटी में अशांति को बढ़ावा'
कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एस.एम. सहाय ने मंगलवार को एक स्थानीय समाचार एजेंसी से कहा कि पिछले साल घाटी में चार महीने तक रही अशांति की स्थितियों को बढ़ावा देने के लिए अपराधियों, लकड़ी के तस्करों और आतंकवादियों ने काफी पैसा खर्च किया था। इस अशांति के दौरान अनियंत्रित भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 110 लोग मारे गए थे।
सहाय ने कहा, "यदि यह लोगों का आंदोलन होता तो पुलिस थाने नहीं जलाए जाते और न ही असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिसकर्मियों के पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल किया जाता।"
वरिष्ठ अलगाववादी नेता प्रोफेसर अब्दुल गनी भट्ट द्वारा हाल ही में मीरवाइज मुहम्मद फारुख और अब्दुल गनी लोन के हत्यारों के बारे में दिए गए बयान को साहसी करार देते हुए सहाय ने कहा, "वह स्पष्ट नहीं हैं।"
सहाय ने कहा कि अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस इन दोनों हत्याओं के तथ्यों को सार्वजनिक करने में 28 साल का समय लगेगा।
इस महीने की शुरुआत में भट्ट ने एक बयान में कहा था कि मीरवाइज और लोन की हत्या अलगाववादी छापामारों ने की थी न कि सुरक्षा बलों ने। उनके इस बयान से अलगाववादी खेमों में खलबली मच गई थी।
वर्तमान में शहर में चल रहे तलाशी अभियानों पर सहाय का कहना है कि यह सुरक्षा जांच का हिस्सा है। अलगाववादियों को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोई हमला करने से रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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