पुलिस छावनी में बदला शहबाजपुर गांव
बांदा, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की के शहबाजपुर गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। दिनभर बांदा जनपद के सात थानों के पुलिसकर्मी वहां तैनात रहे। समाजवादी पार्टी (सपा) के दो विधायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक नेता भी वहां मौजूद रहीं। लड़की ने आरोप लगाया है कि पुलिस उसे घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है।
नरैनी के बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर चोरी करने के झूठे आरोप में एक माह जेल में बंद रही इस लड़की को उच्च न्यायालय के कड़ा रुख अपनाने और मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश के बाद शनिवार की रात मंडल कारागार बांदा से रिहा किया गया था। रिहाई होते ही पुलिस अपने कब्जे में लेकर उसे उसके गांव शहबाजपुर छोड़ आई।
रविवार सुबह से ही अपर पुलिस अधीक्षक लालाराम की अगुवाई में अतर्रा, नरैनी, बदौसा, गिरवां, कालिंजर, फतेहगंज व बिसंडा के थानाध्यक्ष सहित पुलिस के जवान तैनात रहे। लालाराम का कहना है कि उच्च न्यायलय के निर्देश पर पीड़ित लड़की की सुरक्षा में इतने पुलिसकर्मी तैनात हैं।
उच्च न्यायलय ने लड़की और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायलय में मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को नियत है।
लड़की ने रविवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि उसे गांव में विधायक के लोगों से खतरा है, वह बांदा में रहना चाहती है, पुलिस घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है।
सपा के दो विधायक विशंभर सिंह यादव (बबेरू) और विशंभर प्रसाद निषाद तथा भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मृति ईरानी भी देर शाम तक वहां डटी रहीं। इन विधायकों का कहना है कि पुलिस पीड़ित लड़की पर दबाव बना रही है कि वह कोई बयान न दे।
रविवार देर शाम अपर पुलिस अधीक्षक अन्य पुलिस बलों के साथ लौट गए, लेकिन अतर्रा की अनुमंडल अधिकारी (एसडीएम) कोमल चंद्र वर्मा, बबेरू के अंचलाधिकारी कमल सिंह व बांदा सदर के अंचलाधिकारी कुछ पुलिस बलों के साथ गांव में मौजूद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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