त्रिपुरा में अब तक नई शिक्षा नीति लागू नहीं
स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बनमाली सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा, "त्रिपुरा सरकार ने नामांकन के लिए जारी लॉटरी पद्धति के नियमों को लागू करने का निर्णय लिया है। स्कूलों में बच्चों का नामांकन उनकी या अभिभावकों की प्राथमिकता के अनुसार होगा।"
ज्ञात हो कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम तथा केंद्र सरकार के विनियम के तहत 6 से 11 वर्ष तक के बच्चों यानी आठवीं कक्षा तक के छात्रों को उन स्कूलों में नामांकन की अनुमति दी जाएगी, जो उनके घर से एक किलोमीटर की परिधि में हों।
सिन्हा ने कहा, "नए विनियम में नामांकन में छात्रों या अभिभावकों की प्राथमिकता को नजरअंदाज किया गया है।"
अधिकारी के अनुसार नए अधिनियम को अभी तक चार राज्यों- उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर तथा अरुणाचल प्रदेश में लागू किया गया है।
सिन्हा ने कहा, "राज्य मंत्रिमंडल नए शिक्षा अधिनियम एवं केंद्र के विनियम के तहत एक विनियम तय करेगा, जिसे लागू किया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत राज्य सरकार को छात्रों की सुविधाएं बढ़ाने तथा ढांचागत निर्माण के लिए 23 करोड़ रुपये मुहैया कराए हैं। इस राशि से त्रिपुरा के 4,000 स्कूलों के 500,000 छात्र लाभान्वित होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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