ब्रिटेन के छोटे उद्यमी नहीं करना चाहते भारत में निवेश
अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार कम्पनी डिलॉयट की अध्ययन रिपोर्ट 'ब्रिटिश उद्यमी : 2010/11' में कहा गया कि सर्वेक्षण में शामिल 350 कम्पनियों में से एक फीसदी से भी कम ने भारत और ब्राजील जैसे बाजारों में निवेश करने की इच्छा जताई, जबकि 1.5 फीसदी कम्पनियां ही चीन में निवेश करने को लेकर उत्साहित दिखीं।
वास्तविकता यह है कि दुनिया का 70 फीसदी विकास अभी ब्रिक देशों-भारत, रूस, ब्राजील और चीन में हो रहा है। साथ ही यहां अगले कई वर्षो तक विकास होते रहने की सम्भावना जताई गई है।
रिपोर्ट में 60 फीसदी कम्पनियों ने विकास के लिए घरेलू बिक्री पर ध्यान देना मुनासिब बताया।
दरअसल कई यूरोपीय देशों की कम्पनियां मंदी के बाद अभी जोखिम लेने से हिचक रही हैं, इसलिए ब्रिक देशों में अधिक कारोबारी सम्भावनाओं के बावजूद छोटी कम्पनियां यहां प्रवेश नहीं करना चाह रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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