ईंधन कीमतें बढ़ाने से पहले चर्चा करें : तृणमूल, राकांपा
राकांपा प्रवक्ता डी.पी. त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा, "घटक दलों से परामर्श लेना चाहिए था। घटक साझेदारों के बीच समन्वय स्थापित होना चाहिए था।"
उन्होंने कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाले केंद्रीय कृषि मंत्रालय से विचार लिया जा सकता था, जिसने पिछले एक वर्ष से चावल, चीनी, अनाज और तिलहन सहित प्राथमिक खाद्य पदार्थो के मूल्यों में स्थिरता बनाए रखा है।
उन्होंने कहा, "प्राथमिक खाद्य पदार्थो के मूल्य पिछले एक वर्ष से स्थिर हैं।" शनिवार को पवार ने कहा था कि मूल्य वृद्धि के लिए उनका मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है, क्योंेकि उसका मुख्य दायित्व गेहूं और चावल जैसे खाद्यान्नों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
त्रिपाठी ने कहा कि मूल्य वृद्धि सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस पर खास तौर से ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह आम आदमी के लिए दिन-प्रतिदिन समस्याएं पैदा करता जा रहा है।
घटक दलों में दूसरा स्थान रखने वाली तृणमूल कांग्रेस ने भी रविवार को पेट्रोल के दाम बढ़ने पर चिंता जताई थी तथा शिकायत की थी कि दाम बढ़ाने से पहले उससे परामर्श नहीं लिया गया। पार्टी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के मंतव्यों पर चर्चा के लिए घटक दलों की बैठक प्रत्येक तीन माह पर होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी ईंधन तथा अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि के विरुद्ध सोमवार को कोलकाता में प्रदर्शन करने जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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