बांदा बलात्कार : वार्डन को धमकी मामले की जांच के आदेश
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कारागार) वी. के. गुप्ता ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि कारागार वार्डन शहनाज बेगम के आरोप की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी कारागार महानिरीक्षक (आईजी) योगेश शुक्ल को सौंपी गई है।
शहनाज ने आरोप लगाया है कि सच बोलने पर जेल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उसे धमका रहे हैं। बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर चोरी के आरोप में बलात्कार पीड़िता को इसी जेल में बंद किया गया था।
शहनाज ने सोमवार को बांदा में संवाददाताओं से कहा, "बलात्कार मामले की जांच कर रही सीबी-सीआईडी टीम को मैंने वही बताया जो सच था। मैंने उन्हें बताया कि जब जेल में लड़की को मुझे सौंपा गया तो वह खून से लथपथ थी और चोटों के कारण वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी।"
शहनाज ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं कि मुझ्झे जेल की ड्यूटी से हटा दिया जाएगा। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर लूंगी।"
वहीं पीड़ित लड़की ने अपने गांव शहबाजपुर में संवाददाताओं से कहा कि पुलिस उसे घर से बाहर निकलने नहीं दे रही है। उसके मुताबिक बाहर जाने की बात कहने पर पुलिस के लोग उसे धमकी देते हैं। लड़की ने कहा, "क्या यह तरीका होता है किसी को सुरक्षा प्रदान करने का। ये तो मुझ्झे और मेरे परिवार को एक तरह से बंधक बनाने जैसा है।"
पीड़ित लड़की ने सुरक्षित ठिकाने के अलावा पांच लाख रुपये मुआवजा और बांदा के पुलिस अधीक्षक अनिल दास सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि पुलिस अधीक्षक ने जेल में उससे मिलकर बयान से मुकरने के लिए दबाव डाला था।
बांदा जनपद की अदालत में पीड़ित लड़की की उम्र के मामले पर सुनवाई सोमवार को भी नहीं हो सकी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सभी दस्तावेज तलब कर लिए जाने के कारण स्थानीय अदालत ने इस मामले पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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