कश्मीर में अप्रैल तक होंगे पंचायत चुनाव
जम्मू में रविवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में एकीकृत कमान और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह जानकारी सोमवार को एक अधिकारी ने दी।
कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने पंचायत चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। गिलानी की अगुवाई में कश्मीर घाटी में गर्मियों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में 100 से अधिक लोग मारे गए थे।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बयान जारी कर कहा, "यह समय पंचायत चुनावों के अनुकूल नहीं है।"
एकीकृत कमान की बैठक में हिस्सा लेने वाले एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है और यह प्रकिया अप्रैल तक पूरा हो जाएगी। पहले चरण के तहत जम्मू क्षेत्र में तथा इसके बाद कश्मीर घाटी में चुनाव कराए जाएंगे।"
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान सुरक्षा एजेंसियों, सेना और अर्धसैनिक बलों ने इस बात के लिए आश्वस्त किया कि आतंकवादी चुनाव के दौरान गड़बड़ी नहीं फैला पाएंगे। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक लोग चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।
बैठक के दौरान यह महसूस किया गया कि राज्य में चुनाव कराने के दो उद्देश्य हैं। पहला यह कि पंचायत चुनाव से सबसे निचले स्तर के लोगों को सशक्त बनाया जा सकेगा। दूसरा यह कि अलगावादियों ने वर्ष 2008 में भी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया था लेकिन राज्य में 60 फीसदी लोगों ने मतदान में हिस्सा लेने के बाद अलगाववादियों के पास कोई आधार नहीं बचा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications