'डायना की अंतिम यात्रा में था चार्ल्स पर हमले का अंदेशा'
वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डेलीमेल डॉट यूके' के मुताबिक इस सप्ताह प्रकाशित होने जा रहे एक प्रमुख पूर्व अधिकारी एलिस्टर कैम्पबेल की डायरी के ताजा संस्करण में यह खुलासा किया गया है कि शाही परिवार के सुरक्षा अधिकारियों को डर था कि राजकुमारी डायना के प्रति प्रिंस चार्ल्स के बर्ताव से खफा कोई भी व्यक्ति इस अंतिम यात्रा के दौरान भीड़ में से उन पर हमला कर सकता है। सुरक्षा अधिकारियों को आशंका थी कि चार्ल्स पर जानलेवा हमला हो सकता है इसलिए उन्होंने डायना और चार्ल्स के दोनों बेटों को शवयात्रा में राजकुमार चार्ल्स के साथ चलने के लिए राजी किया।
डायना की अंतिम यात्रा के चित्रों से स्पष्ट है कि राजकुमार चार्ल्स, विलियम और हैरी के साथ चल रहे थे।
कैम्पबेल ने लिखा है कि डायना के बड़े बेटे विलियम पहले इसके लिए तैयार नहीं थे क्योंकि उन्हें लगता था कि यह सब मीडिया को खुश करने के लिए किया जा रहा है। कैम्पबेल ने लिखा है कि राजकुमार चार्ल्स के सहयोगियों ने विलियम को यह कहकर राजी कर लिया था कि सम्भवत: उनकी मां की यही इच्छा रही होगी।
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के संचार प्रमुख रह चुके कैम्पबेल ने लिखा कि चार सितम्बर को शाही परिवार के अधिकारियों की बैठक में राजकुमार चार्ल्स की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी।
कैम्पबेल ने लिखा है, "सैंडी हेनी (प्रिंस चार्ल्स की मीडिया सचिव) को विलियम को यह समझाने के लिए भेजा गया था कि उन्हें प्रिंस के साथ क्यों चलना चाहिए। उन्होंने विलियम से कहा कि सम्भवत: उनकी मां की यही इच्छा रही होगी।"
कैम्पबेल ने लिखा कि प्रिंस विलियम शुरुआत में डायना की अंतिम यात्रा में अपनी भूमिका के बारे में किसी से बात नहीं करना चाहते थे क्योंकि वह उनकी मां की कार दुर्घटनाग्रस्त होने में 'पेपराजी' की कथित भूमिका के कारण मीडिया से खफा थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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