सबरीमाला हादसा : उच्च न्यायालय का जांच का निर्देश
न्यायमूर्ति थोत्ताथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति पी.भावदासन की खंडपीठ ने सोमवार को अदालत की कार्यवाही शुरू होते ही सबरीमाला के समीप मची भगदड़ के मामले पर स्वयं संज्ञान लिया। यह खंडपीठ देवासम (राज्य में मंदिर से सम्बद्ध मामले) देखती है।
अदालत ने राज्य सरकार से हादसे के कारणों के बारे रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही न्यायालय ने यह भी जानना चाहा कि क्या राज्य के गृह, वन और देवासम विभागों के बीच उचित समन्वय था।
उच्च न्यायालय कई मौकों पर सबरीमाला तीर्थस्थल के योजनाबद्ध और उचित इंतजाम की जरूरत पर राज्य सरकार को आगाह करता आया है। खंडपीठ ने तीर्थस्थल के लिए चलाई जा रही योजनाओं को लेकर नाराजगी जताई।
उल्लेखनीय है कि तीथयात्रा के लिए बन्दोबस्त को लेकर पहले दो रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा चुकी हैं। इनमें से एक वर्ष 1992 और दूसरी 2007 में सौंपी गई लेकिन राज्य सरकारें इनकी अनदेखी करती आई हैं। सेवानिवृत्त के.एस. पेरीपूर्णन ने इस मामले में 70 सिफारिशें की थीं लेकिन इनमें से एक भी लागू नहीं की गई।
इसबीच, पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार रात में मची भगदड़ मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस घटना स्थल पुलूमेदू पर हादसे से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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