भाजपा की तिरंगा यात्रा पर सुरक्षा की समीक्षा (लीड-1)
राज्य में सुरक्षा मामलों पर निर्णय लेने के लिए गठित एकीकृत मुख्यालय की बैठक में उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनायक, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों सहित सेना के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि घाटी में किसी को हालात बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा 26 जनवरी को तिरंगा फहराने के विचार पर शांति भंग करने का प्रयास करने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
ज्ञात हो कि भाजयुमो श्रीनगर पहुंचने के लिए गत 12 जनवरी को कोलकाता से अपनी यात्रा की शुरुआत कर चुका है।
बैठक में हिस्सा लेने वाले एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "कानून सबके लिए समान है और अलगाववादियों को व्यवधान उपस्थित करने का कोई अधिकार नहीं है। आतंकवादियों और उनके समर्थकों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।"
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर यात्रा को स्थगित करने का अनुरोध कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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