'आदर्श' ढहाने के आदेश का राजनीतिक हलकों में स्वागत
शिव सेना विधायक सुभाष देसाई ने कहा, "हम पर्यावरण मंत्रालय और जयराम रमेश के फैसले का स्वागत करते हैं। लेकिन हमें चिंता इस बात की है कि आदेश का वास्तव में पालन होगा या नहीं।"
उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि सोसायटी की इमारत को ढहाने के साथ घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।"
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि इसी कड़ी में भूमि कानून में बदलाव के लिए भी राज्य सरकार को प्रेरित किया जाना चाहिए। ज्ञात हो कि पाटकर की गैर सरकारी संस्था आदर्श सोसायटी की इमारत के खिलाफ आवेदन देने वालों में से एक है।
पाटकर ने कहा, "आदर्श घोटाले का मामला उजागर होने से एक बार फिर साबित हो गया है कि मुम्बई में भ्रष्टाचारियों की जड़ कितनी गहरी है। अपेक्षा की जाती है कि अवैध निर्माण ढहाने के साथ भूमि आवंटन एवं निर्माण सम्बंधी नियमों में संशोधन कर इसे और सशक्त बनाया जाएगा।"
भारतीय जनता पाटी (भाजपा) प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि कई और इमारतें भी हैं जो तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) कानून का उल्लंघन कर बनाई गई हैं।
भंडारी ने कहा, "पर्यावरण मंत्रालय को मुम्बई में सीआरजेड के नियमों का उल्लंघन कर बनाई गईं अन्य इमारतों पर भी गौर करना चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सीआरजेड के नियमों के उल्लंघन के कारण रविवार को आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत को तीन माह के अंदर ढहाने का आदेश दिया है। सोसायटी ने हालांकि कहा है कि वह इस आदेश को अदालत में चुनौती देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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