महंगाई व भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरने में जुटी माकपा (लीड-1)
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने रविवार को खत्म हुई पार्टी की दो दिवसीय पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले तथा पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के मद्देनजर आसमान छूती महंगाई के विरोध में देशव्यापी आंदोलन छेड़ने के संदर्भ में सभी समान विचारधारा वाले तथा धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ योजना बनाई जाएगी।"
करात ने कहा कि उनकी पार्टी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की अपनी मांग जारी रखेगी लेकिन साथ ही वह चाहते हैं कि अगले बजट सत्र में संसद की कार्यवाही भी चले और इसके लिए वह समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दलों से बात करेंगे।
उन्होंने कहा, "हमने पार्टी में इस बारे में चर्चा किया है और हम अपनी मांग जारी रखेंगे। साथ ही हम चाहते हैं संसद की कार्यवाही भी चले।" फरवरी के तीसरे सप्ताह में आरम्भ हो रहे बजट सत्र में पार्टी की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर करात ने यह बात कही।
उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि दोनों चीजें कैसे होंगी। हमने इसके लिए तय किया है कि हम उन सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से वार्ता करेंगे जो हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं। हम कोई रास्ता निकालेंगे।"
खाद्य महंगाई पर नियंत्रण न करने और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ने के मसले पर संप्रग सरकार को जमकर आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
करात ने कहा, "जहां तक महंगाई का सवाल है, पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर 2.52 पैसे बढ़ा दी गई हैं। एक तरफ सरकार जहां महंगाई को हवा दे रही है वहीं दूसरी तरफ वह महंगाई रोकने की कोशिशें करने का दावा कर रही है।"
उन्होंने कहा, "सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम रही है। हम सरकार से खाद्य पदार्थों को वायदा बाजार से अलग करने की लगातार मांग कर रहे हैं।"
करात ने कहा, "हम इस मुद्दे पर अन्य वामपंथी दलों तथा धर्मनिरपेक्ष दलों से बातचीत करेंगे और देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की योजना बनाएंगे।"
करात ने पेट्रोल की कीमतों में हुई वृद्धि पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा चुप्पी साधे रखने की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, "वे (तृणमूल कांग्रेस) इस सरकार में शामिल हैं। उन्हें यह जवाब देना ही होगा कि वे कैसे ऐसी नीतियों का समर्थन कर रहे हैं जो आम आदमी के खिलाफ है।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा स्वत: ही संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष उपस्थित होने की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर करात ने कहा, "मैंने कहा है कि पीएसी के पास किसी मंत्री तक को बुलाने का प्रावधान नहीं है। यह सिर्फ राजनीतिक कवायद है। बेहतर होगा प्रधानमंत्री पीएसी में उपस्थित होने की बजाए जेपीसी का गठन करें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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