आदर्श घोटाला : निलंबित सूचना आयुक्त ने खुद को निर्दोष बताया
मुम्बई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के निलंबित मुख्य सूचना आयुक्त रामानंद तिवारी ने आदर्श हाउसिंग घोटाला मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए रविवार को कहा कि राज्यपाल के. शंकरनारायण ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा है।
तिवारी ने कहा, "मैं राज्यपाल से मिला। उन्होंने मेरी बातों को धैर्यपूर्वक सुना। मैंने उनके समक्ष अपना पक्ष रखा और कहा कि मैं जांच के लिए तैयार हूं।"
तिवारी ने आदर्श घोटाले का मुख्य आरोपी होने से इंकार करते हुए कहा कि वह राज्य सरकार द्वारा जारी निलंबन के आदेश को चुनौती देंगे।
महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग (यूडीडी) के प्रमुख रहे तिवारी ने कहा कि आदर्श की फाइल स्वीकृति के लिए उनके समक्ष नहीं लाई गई थी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान शहरी विकास विभाग की ढेर सारी फाइलों का निष्पादन किया, लेकिन आदर्श सोसायटी के मामले में भूमि आरक्षण एवं हस्तांतरण को स्वीकृति देने का फैसला राज्य सरकार ने लिया, मैंने नहीं।"
ज्ञात हो कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 11 जनवरी को आदर्श सोसायटी घोटाले में संलिप्तता के आरोप में तिवारी को पद से हटाने की संस्तुति की थी।
इसके अलावा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की धारा 17 के तहत उचित कार्रवाई के लिए एक प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया था।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित महत्वपूर्ण सूचना सोसायटी के सदस्य कुछ राजनेताओं एवं नौकरशाहों को दी थी। इतना ही नहीं, सोसायटी के एक फ्लैट का मालिक उनके पुत्र ओमकार भी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications