हिंसा रोकने के लिए कराची में कर्फ्यू
गृह मंत्री रहमान मलिक ने यह घोषणा सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री कयाम अली शाह के साथ बैठक के बाद की।
मलिक पिछले तीन दिनों से कराची में हैं और उन्होंने शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वालों मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
ज्ञात हो कि एमक्यूएम उर्दू भाषी और एएनपी पश्तो भाषी लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।
मलिक ने पत्रकारों को बताया, "बैठक में हिंसाग्रस्त इलाकों में कर्फ्यू लगाने और पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों द्वारा संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इससे स्थिति में सुधार होगी।"
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, "इस अशांति के पीछे कोई विदेशी ताकत है। वह देश के वित्तीय आधार को तोड़ना चाहता है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और असली अपराधियों को पकड़ेंगे।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के वित्तीय केंद्र कराची में एक दशक से भी अधिक समय से निशाना बनाकर हत्या करने का दौर जारी है। शहर की सत्ता पाने के लिए एमक्यूएम और एएनपी के बीच हिंसक संघर्ष होता रहता है।
चूंकि एएनपी और एमक्यूएम दोनों इस समय सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार में सहयोगी हैं। ऐसे में शहर में शांति कायम करना मुश्किल हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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