जल्दबाजी में दिया गया 'आदर्श' को ढहाने का आदेश : वकील
मनेशिंदे ने समाचार चैनल एनडीटीवी से कहा, "आदेश का तात्पर्य पूरी तरह गलत है और हम इमारत ढहाने के आदेश को चुनौती देंगे।"
सोसायटी पर तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि इमारत को पूरी तरह हटा दिया जाना चाहिए और इलाके को पहले वाली स्थिति में लाना चाहिए।
मंत्रालय ने पिछले वर्ष नवम्बर में 31 मंजिली इमारत बनाने वाली इस हाउसिंग सोसायटी को नोटिस जारी किया था और पूछा था कि इमारत की अवैध मंजिलों को क्यों न ढहा दिया जाए।
मनेशिंदे ने कहा, "मुझे अंदेशा था कि मंत्रालय ऐसा ही आदेश पारित करेगा, क्योंकि आदेश का मसौदा गुरुवार और शुक्रवार को ही मीडिया के समक्ष जाहिर कर दिया गया था जो कि पूरी तरह गलत और अवैधानिक है। बिना किसी वैधानिक पूर्व-निर्णय के रविवार को जिस तरह आदेश पारित किया गया, मैं महसूस करता हूं कि यह गलत आदेश है। आदेश की प्रति मिलते ही हम इसे अदालत में चुनौती देंगे।"
वैधानिक विकल्पों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "पहला वैधानिक विकल्प है उच्च न्यायालय में अपील करना। अगली रणनीति सोसायटी तय करेगी। मैं आदेश की प्रति देखने के बाद उन्हें सलाह दूंगा। अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि हम क्या करने जा रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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