सबरीमाला हादसा : जांच शुरू, पुलिस का सुरक्षा में कोताही से इंकार
सुरक्षा में कोताही के लग रहे आरोपों के बीच पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में 279 जवानों को तैनात किया गया था।
पुलिस अधीक्षक एस. सुरेंद्रन के नेतृत्व में अपराध शाखा की टीम रविवार सुबह घटना स्थल पर पहुंच हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी।
इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने खराब मौसम के कारण घटना स्थल का दौरा स्थगित कर दिया है।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "वह कोच्चि से हेलीकॉप्टर द्वारा यहां आने वाले थे, लेकिन बारिस और खराब मौसम के कारण दौरा रद्द कर दिया गया।"
मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन ने घटना की न्यायिक जांच कराने और मृतकों के परिजनों एवं घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. हेमचंद्रन ने आईएएनएस से कहा, "पुलुमेदु के विभिन्न स्थानों पर 279 पुलिसकर्मी तैनात थे। मैंने स्थानीय पुलिस अधीक्षक द्वारा तैयार तैनाती योजना को देखा था। दुर्घटना का वास्तविक कारण क्या था, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है।"
सरकारी रिपोर्ट में शनिवार को कहा गया कि पुलुमेदु के जंगलों में शुक्रवार रात टैक्सी, ऑटोरिक्शा चालकों तथा श्रद्धालुओं के बीच हुए विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद भगदड़ मची।
हादसा शुक्रवार रात करीब आठ बजे हुआ। श्रद्धालु तीन महीने की तीर्थयात्रा के सबसे महत्वपूर्ण घटना मकर ज्योति का दर्शन करने के बाद लौट रहे थे। पहाड़ियों से घिरा यह स्थान पथानमथीट्टा जिले के सबरीमाला मंदिर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
पुलुमेदु वन क्षेत्र वेंदिपेरियार कस्बे से करीब 10 किलोमीटर दूर है। इसकी पहाड़ी पर तीर्थयात्री सबरीमाला के मकर ज्योति का दर्शन करने के लिए एकत्र होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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