हिमपात से हिमाचल के सेब उत्पादकों के चेहरों पर रौनक
शिमला, 16 जनवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के सेब की पैदावार वाले इलाकों में हो रहे व्यापक हिमपात से इस बार भी यहां सेब की बम्पर फसल होने की उम्मीद है।
राज्य के शिमला, कुल्लु, मंडी और किन्नौर जिलों में शुक्रवार से ही हलका हिमपात हो रहा है और मौसम विभाग के मुताबिक इस महीने अभी और हिमपात होने की सम्भावना है।
बागवानी विभाग के निदेशक गुरुदेव सिंह ने आईएएनएस को बताया, ''हिमपात का ये दौर सेब, आड़ू, आलूबुखारा, अखरोट और बादाम की फसल के लिए बेहद अच्छी है ।''
उन्होंने कहा कि नियमित हिमपात और बरसात ने मिट्टी की नमी बढ़ा दी है और इससे सेब के पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त पोषण मिलेगा।
सेब की फसल का मौसम अभी नहीं है और सेब के पौधे अभी सुशुप्त अवस्था में हैं। मार्च में इनका मौसम आता है। अप्रैल के महीने में इनमें कलियां आने लगेंगी और इसके बाद इनमें फूल आने शुरू हो जाएंगे।
सोलन स्थित डॉक्टर वाई.एस.परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टीकल्चर एंड फॉरेस्ट्री के पूर्व संयुक्त निदेशक एस. पी. भार्द्वाज के मुताबिक, सुसुप्त अवस्था में सेब की फसल को सात डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर एक हजार से लेकर 1600 घंटों तक ठंडा मौसम चाहिए होता है।
उन्होंने कहा, ''हिमपात के इस दौर से सेब के पौधों को पर्याप्त ठंडक मिलेगी। ये दौर फूल खिलने और फल आने में भी लाभदायक होगा।''
शिमला जिले के कोटखाई इलाके में सेब की खेती करने वाले अनिल दयाल का कहना है,''इस बार अच्छी बर्फ पड़ी है जिससे गर्मियों में भी जमीन में नमी बरकरार रहने में मदद मिलेगी। अगर फसल की कटाई तक मौसम ऐसे ही साथ देता रहा तो हम एक बार फिर सेब की बम्पर फसल की उम्मीद कर सकते हैं।''
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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