पर्यावरण मंत्रालय का आदर्श सोसायटी बिल्डिंग ढहाने का आदेश
पर्यावरण मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि मुम्बई के कोलाबा क्षेत्र के ब्लॉक-6, बैकवे रिक्लेमेशन एरिया में बना 31 मंजिला अवैध ढांचा पूरी तरह ढहा दिया जाना चाहिए और इसे इलाके को इसकी मौलिक स्थिति में लाया जाना चाहिए।
आदेश में कहा गया है, "यह आदेश प्राप्त करने के तीन महीने के भीतर इसका पालन न होने की सूरत में मंत्रालय इस निर्देश को लागू करने और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम की धारा 15 के तहत कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।"
मुम्बई के कोलाबा में यह 31 मंजिली इमारत मौलिक रूप से छह मंजिली बनाई जानी थी। इस इमारत में कारगिल युद्ध के जांबाजों और उनके परिजनों को आवास दिए जाने थे लेकिन बाद में इसमें अतिरिक्त मंजिले जोड़कर इसे 31 मंजिला बना दिया गया।
इससे पहले गत नवम्बर में सोसायटी को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न इमारत में अवैध तौर पर बनाई गई मंजिले ढहा दी जाएं।
आदेश के मुताबिक मंत्रालय ने तीन विकल्पों पर विचार किया-पूरे ढांचे को गिरा दिया जाए, क्योंकि वह अवैध है, ढांचे के अतिरिक्त हिस्सों को ढहा दिया जाए तथा सरकार को सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए इस इमारत पर कब्जा करने को कहा जाए।
आदेश में कहा गया है कि बाद वाले दोनों विकल्प नामंजूर कर दिए गए क्योंकि ऐसा किया जाना तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) अधिसूचना, 1991 का उल्लंघन होता।
पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा, "इन तथ्यों, परिस्थितियों, विचार-विमर्श, विचारों, दलीलों और आदर्श कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के दस्तावेज के विश्लेषणों पर गौर करते हुए मैंने इस इमारत को ढहाने का विकल्प चुना है।"
बाद में यह इमारत घोटालों से घिर गई और महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को नौकरशाहों और राजनीतिज्ञों के बीच साठगांठ के आरोपों के कारण पद छोड़ना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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