बांदा बलात्कार : लड़की की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी (लीड-1)
लड़की को कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रवि गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई।
पेश होने के बाद अदालत के बाहर लड़की ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे कुछ न्याय मिला..मैं थोड़ी संतुष्ट हूं, लेकिन जेल में मुझे विधायक से अपनी जान को खतरा है, क्योंकि वह भी इसी जेल में बंद है।"
अधिकारियों के मुताबिक लड़की की जमानत अर्जी और बालिग-नाबालिग पर अब 17 जनवरी को सुनवाई होगी।
पीड़ित लड़की के वकील रामहित निषाद ने कहा कि अदालत 17 जनवरी (सोमवार) को लड़की के बालिग या नाबालिग होने पर अपना फैसला देगी। वह पीड़ित लड़की की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। सीबीसीआईडी की पहल पर दो सिपाही और दो होमगार्ड पीड़ित लड़की के घर पर तैनात हैं।
कथित रूप से लड़की का बलात्कार करने के बाद विधायक ने उसे घर से पांच हजार रुपये, रिवाल्वर और मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में गत 15 दिसंबर को गिरफ्तार करवा दिया था। लड़की नरैनी क्षेत्र के शहबाजपुर गांव की रहने वाली है। पीड़ित लड़की बांदा जेल में बंद है।
बाद में सीबी-सीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री मायावती ने विधायक द्विवेदी और उनके तीन सहयोगियों राजेंद्र शुक्ला, रावण और सुरेंद्र के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे।
मुख्यमंत्री के आदेश पर गुरुवार को विधायक को बांदा से गिरफ्तार कर जेल (बांदा) भेज दिया गया। विधायक के दो सहयोगी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को कहा था कि 'सीआईडी द्वारा प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया है कि लड़की को गत आठ से 12 दिसम्बर तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया। 11 और 12 दिसम्बर की रात विधायक और उसके सहयोगियों ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया।'
यह पूछे जाने पर कि क्या विधायक द्वारा लड़की पर लगाया गया चोरी का इल्जाम सीबी-सीआईडी की प्रारंभिक जांच में सही पाया गया, इस पर सिंह ने कहा था, "लड़की के खिलाफ बांदा पुलिस की कार्रवाई जांच में सही पाई गई। लड़की ने विधायक की पुत्रवधू का मोबाइल और पांच हजार रुपए चुराए थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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