बांदा बलात्कार : पीड़ित लड़की रिहा, दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन (राउंडअप)
अवकाश होने के बावजूद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति सतीश अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार को पीड़ित लड़की और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए।
अदालत के आदेश की जानकारी होने के तत्काल बाद राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि लड़की को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि सीबी-सीआईडी की जांच में उसे बेकसूर पाया गया है।
चित्रकूट परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक एस. के. माथुर ने आईएएनएस को बताया कि पीड़ित लड़की को जेल से रिहा कर दिया गया है, लेकिन लड़की को अभी घर तक नहीं पहुंचाया जा सका है। चूंकि लड़की को सुरक्षित घर पहुंचाने का अदालत का आदेश है, इसिलए यह प्रक्रिया अभी चल रही है।
गौरतलब है कि बांदा के शाहबाजपुर गांव निवासी लड़की ने आरोप लगाया था कि बसपा विधायक (नरैनी विधानसभा क्षेत्र) पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने 12 दिसम्बर की रात उसके साथ अन्य साथियों सहित बलात्कार किया।
पीड़ित लड़की का कहना है कि जब वह अपनी जान बचाकर भागी तो उस पर मोबाइल और पांच हजार रुपये की चोरी का फर्जी मुकदमा दायर कर 15 दिसंबर को उसे जेल भिजवा दिया गया।
विधायक के आरोपों को झूठ मानते हुए कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने सीबी-सीआईडी को जांच सौंपी थी।
सीबी-सीआईडी की प्रारंभिक रिपोर्ट में लड़की के साथ विधायक और उसके तीन सहयोगियों द्वारा बलात्कार करने की बात सामने आई थी, जिसके बाद पिछले बुधवार को राज्य सरकार ने विधायक और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे। गुरुवार शाम पुलिस ने बांदा में बबेरू के पास से आरोपी विधायक को गिरफ्तार किया था।
लड़की की रिहाई से पहले शनिवार सुबह अपने जन्मदिन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा रहा है कि विधायक द्विवेदी और उनके साथियों ने पीड़ित लड़की को चोरी के झूठे आरोप में फंसाने का षड्यंत्र किया है।
मायावती ने कहा, "इस प्रकरण को सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है, जिसकी फिलहाल सीबी-सीआईडी से जांच चल रही है। मुझ्झे पूरी उम्मीद है कि सीबी-सीआईडी इस बात की तह में जरूर जाएगी कि आरोपित विधायक और उनके साथियों ने अपनी घिनौनी हरकतों को छिपाने के लिए कहीं पीड़ित लड़की पर चोरी का गलत आरोप तो नहीं लगाया है।"
इस मामले में शुरू से ही संदेह के घेरे में रही पुलिस को चेतावनी देते हुए मायावती ने कहा, "जांच रिपोर्ट आने पर उन पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने चोरी प्रकरण की पूरी जांच-पड़ताल किए बिना ही जल्दबाजी में लड़की को चोरी के इल्जाम में जेल में भिजवा दिया।"
ज्ञात हो कि बसपा विधायक के इशारे पर लड़की के खिलाफ झूठा मामला बनाने और थाने में उसके साथ बदसलूकी करने के आरोप में उप निरीक्षक (अतर्ला थाना) जब्बार खान को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उनकी सरकार लड़की को जल्द न्याय दिलाने के लिए इस प्रकरण की त्वरित अदालत में सुनवाई कराने की पूरी तरह पहल करेगी, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
इससे पहले मायावती ने अपने 55वें जन्मदिन के मौके पर 55 किलो का केक काटा। बसपा सरकार को 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' के नारे पर काम करने का दावा करते हुए मायावती ने प्रदेश में करीब चार हजार करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मायावती ने शनिवार से राज्य में उत्तर प्रदेश में जनहित गारंटी कानून लागू करने का एलान किया। इस कानून के तहत जनता को जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र आदि निर्धारित समय के अंदर प्राप्त करने की गारंटी मिलेगी। तय समय में सेवा न प्रदान करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के तहत चयनित परिवारों को दी जाने वाली तीन सौ रुपये प्रतिमाह की राशि में सौ रुपये की वृद्धि कर दी गई है। साथ ही उन्होंने विभिन्न जिलों के 130 खंडों में महामाया सचल अस्पताल की शुरू करने का एलान किया। उन्होंने लखनऊ में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 3,000 सीटों की क्षमता वाले भीमराव अंबेडकर सभागार का उद्घाटन भी किया।
मायावती ने अपने जन्मदिन के मौके पर नवविकसित लखनऊ के हतरतगंज और बाहरी इलाके भरवारा स्थित 345 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी लोकार्पण किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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