कश्मीर में सैन्य कटौती का सही समय नहीं : सेना
इस सीमावर्ती शहर में आयोजित प्रतिष्ठापन समरोह के इतर परनायक ने शनिवार को मीडियाकर्मियों से कहा, "सैनिकों की संख्या में कटौती करने का यह सही समय नहीं है।"
परनायक की इस टिप्पणी से पहले शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने भी ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में जवानों की संख्या में कटौती उचित नहीं होगा, क्योंकि वे सीमांत क्षेत्रों की चौकसी कर रहे हैं और आतंकवादियों से मुकाबला कर रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तरी कमान का मुख्यालय जम्मू से 66 किलोमीटर उत्तर ऊधमपुर में है। इसक कमान के जवान नियंत्रण रेखा एवं पाकिस्तानी कश्मीर तथा पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा और चीन से लगते वास्तविक नियंत्रण रेखा की चौकसी कर रहे हैं। साथ ही ये जवान राज्य में आतंकी गतिविधियों का मुकाबला भी कर रहे हैं।
जनरल परनायक ने सैन्य बल विशेषाधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) की तरफदारी करते हुए कहा कि यह आतंकी गतिविधियों का मुकाबला कर रहे जवानों को वैधानिक अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "सेना राज्य में अच्छा कार्य कर रही है और उनके लिए एएफएसपीए की जरूरत है। ऐसे समय में सेना को वापस नहीं बुलाया जाना चाहिए।"
लद्दाख क्षेत्र में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की आई खबर के संदर्भ में उन्होंने कहा, "इसे घुसपैठ नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है। भारत और चीन को इस मुद्दे पर वार्ता करनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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