सबरीमाला हादसे की होगी न्यायिक जांच
कुमिली (केरल), 15 जनवरी (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन ने शनिवार को घोषणा की कि सबरीमाला-पुलुमेंदू भगदड़ की न्यायिक जांच कराई जाएगी। इडुक्की जिला प्रशासन के अनुसार हादसे में मरने वालों की संख्या 102 हो गई है।
वर्ष 2008 में हुई थेक्काडी नौका दुघर्टना की भी इसी तरह न्यायिक जांच की घोषणा हुई थी, लेकिन इस मामले में अब तक केवल एक बार बैठक हुई है।
कुन्नूर से नौसेना के हेलीकॉप्टर से दुर्घटना स्थल पर पहुंचे अच्युतानंदन ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार प्रत्येक मृतक के परिजनों को 500,000 रुपये की सहायता राशि देगी। गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 तथा मामूली रूप से घायल लोगों को 25,000 रुपये दिए जाएंगे।
भगदड़ शुक्रवार रात लगभग आठ बजे तब हुई थी जब श्रद्धालु महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मकर ज्योति देखकर लौट रहे थे। यह दुर्घटना सबरीमाला मंदिर से लगभग 30 किलोमीटर दूर एक टीले पर हुई।
इस हादसे में 102 लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हो गए। इनमें केरल के तीन लोगों को छोड़कर शेष तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के हैं।
मुख्यमंत्री ने हादसे की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है लेकिन इससे पहले वर्ष 2008 में हुई थेक्कडी नौका दुर्घटना के समय भी न्यायिक जांच की घोषणा की गई थी जिसकी अब तक केवल एक बार 20 दिसम्बर 2010 को बैठक हो पाई है। ऐसे में सबरीमाला मामले में न्यायिक जांच की घोषणा कितनी कारगर हो पाएगी, यह समय ही बताएगा।
थेक्कडी नौका दुर्घटना कुमिली से लगभग 16 किलोमीटर दूर पेरियार झील में हुई थी। कुमिली के उसी अस्पताल में एक अक्टूबर, 2008 को शवों का पोस्टमार्टम किया गया था, जिसमें सबरीमाला हादसे में मारे गए लोगों के शव रखे गए हैं।
इससे पहले राज्य में उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश से न्यायिक जांच मध्य 1990 में संपन्न हुई थी। इसके बाद कई सरकारें कई मसलों पर कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराना चाहती थीं लेकिन यह कभी संभव नहीं हो पाया क्योंकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर कार्य का काफी बोझ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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