ओबामा के भारत दौरे से आर्थिक सम्बंध मजबूत हुआ : अमेरिका
वाशिंटन, 15 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि नवम्बर में राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान भारत को एक बड़ी ताकत और साझीदार के रूप में 'गले लगाने' के बाद दोनों देशों के आर्थिक सम्बंध में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनीलॉन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि यह एक अनूठा दौरा था, जिसमें हमने उभरते भारत को एक बड़ी ताकत और अमेरिका के मित्र के रूप में पूरी तरह से गले लगाया।
उल्लेखनीय है कि यह बयान उन्होंने अगले सप्ताह चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ की अमेरिका यात्रा से पहले दिया है।
डोनीलॉन ने कहा कि ओबामा प्रशासन अपनी एशिया नीति के तहत भारत, चीन जैसे एशिया के अन्य शक्तिशाली देशों के साथ सही, सकारात्मक और सहयोगात्मक सम्बंध बढ़ाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा और अमेरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा में फर्क है। अमरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा मार्च 2006 के बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा थी।
उन्होंने कहा कि ओबामा की तीन दिवसीय यात्रा में दोनों देशों के सम्बंधों के एक-एक पक्ष को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
उनकी यात्रा के बाद अब 24 अमेरिकी कारोबारी कम्पनियों का एक दल अपनी उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादों की प्रस्तुति देने के लिए भारत जा रहा है। इसमें बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, जीई हिटाची और वेस्टिंगहाउस जैसी कम्पनियां शामिल हैं।
यह दल 6-11 फरवरी को भारत की यात्रा पर रहेगा और इसकी अगुवाई वाणिज्य सचिव गैरी लॉक करेंगे। ओबामा के साथ वह भी भारत की यात्रा पर थे।
वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस दल में अमेरिका के 13 प्रांतों की कम्पनियां शामिल होंगी और इनमें से अधिकतर कम्पनियां छोटी और मझोली श्रेणी की होंगी।
इस दल में एक्पोर्ट-इंपोर्ट बैंक और ट्रेड डेवलपमेंट एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह दल दिल्ली, मुम्बई और बेंगलुरू में रुकेगा।
इस यात्रा में लॉक उन्नत उद्योग क्षेत्र, नागरिक परमाणु व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, नागरिक उड्डयन और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अमेरिकी कम्पनियों के लिए निर्यात के अवसर ढूंढेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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