महंगाई पर चिंतित सरकार ने की उपायों घोषणा (लीड-1)
नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। खाद्य पदार्थो की बढ़ी कीमतों से परेशान सरकार ने इस पर अंकुश लगाने के लिए गुरुवार को कुछ उपायों की घोषणा की। सरकार ने प्याज की बिक्री सरकारी एजेंसियों के माध्यम से करने और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। सरकारी एजेंसियों से प्याज 35 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेचा जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, "ज्यादातर विनिर्मित वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को स्थिर कर दिया गया है लेकिन खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार अस्वीकार्य स्तर पर चली गई हैं।"
बयान में कहा गया, "महंगाई में यह उछाल सब्जियों और फलों की कीमतों में वृद्धि की वजह से आई है। इसे नियंत्रण में करना मुश्किल है, क्योंकि इन खाद्य पदार्थो का संग्रह सरकार के पास नहीं है।"
महंगाई पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)ने गुरुवार को जो उपाए सुझाए उनमें से सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) अपने खुदरा दुकानों से 35 रुपये प्रतिकिलो की दर से प्याज बेचेंगे।
पीएमओ ने कहा, "पाकिस्तान से आने वाली प्याज से कीमतों में कमी आएगी। इसके अलावा 1000 टन प्याज का आयात किया जा रहा है जबकि इसके निर्यात पर प्रतिबंध है।"
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर अंकुश लगाने के कुछ उपाय इस प्रकार हैं :
सरकार द्वार संचालित राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) अपने खुदरा दुकानों से 35 रुपये प्रतिकिलो की दर से प्याज बेचेंगे।
खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी और कलाबाजारी पर सख्त कार्रवाई।
सभी आवश्यक वस्तुओं के आयात और निर्यात की एक नियमित अंतराल पर समीक्षा।
सरकारी इकाइयों को अपनी दुकानों के जरिए खाद्य तेलों और दालों का वितरण करने के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी तेज करने का निर्देश।
खाद्य तेलों और दालों की रियायती आवंटन की योजनाएं जारी रहेंगी।
खाद्य तेलों और दालों सहित गैर बासमती चावल पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
कैबिनेट सचिव के अधीन सचिवों की समिति प्रत्येक राज्यों में कीमतों की समीक्षा करेगी।
वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के अधीन एक अंतर मंत्रालय समूह समग्र मुद्रास्फीति की समीक्षा करेगा।
राज्य सरकारों से मंडी कर सहित अन्य स्थानीय करों में छूट देने का अनुरोध।
किसान मंडी और गतिशील बाजारों के गठन में राज्य सरकार को सहयोग करने वाली योजना की शुरुआत।
लोगों को दालों के सस्ते विकल्पों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान।
निवासी कल्याण संघों और स्वयं सहायता समूहों की सहायता से स्थानीय स्तर पर आवश्यक वस्तुओं का वितरण करना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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