मप्र में किसानों का लगान माफ होगा
प्रदेश में पिछले एक माह की अवधि में आठ किसान पाले के कहर से फसल के बर्बाद होने और कर्ज के चलते आत्महत्या कर चुके हैं तथा छह ने आत्महत्या का प्रयास किया है। किसानों के हाल और फसल की बर्बादी की हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले का दौरा किया।
किसानों का हाल जानने के बाद भोपाल लौटकर चौहान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को फौरी राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की है। सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है और जल्दी ही राहत राशि का वितरण भी शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं किसानों को राहत देने के मकसद से लगान को माफ किया जाएगा और कर्ज की वसूली स्थगित कर दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रकृति की मार इस बार जैसी हुई है वैसी पहले कभी नहीं देखी है। दलहन फसल बुरी तरह चौपट हो गई है। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने हर संभव कदम उठाए है। संभाग आयुक्तों से लेकर जिलाधिकारियों तक को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे सर्वेक्षण व राहत देने में उदारता बरतें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि 50 फीसदी नुकसान को शतप्रतिशत नुकसान की श्रेणी में मानकर राहत दें।
चौहान ने बताया कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने राजस्व नियमों में भी बदलाव किया है। अब अरहर के नुकसान पर 11000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी। इतना ही नहीं अन्य फसलों पर 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर, फलों के खेत पर 7000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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