कश्मीर समस्या के समाधान में निहित स्वार्थ बाधक : पिल्लै
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर विवाद का स्थायी समाधान तलाश रही है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर और बाहर कुछ निहित स्वार्थ समाधान को पटरी पर नहीं आने देना चाहते।
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय द्वारा 'ह्वाट इज द वे फारवर्ड इन जम्मू एंड कश्मीर' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में पिल्लै ने कहा, "कश्मीर समस्या के समाधान में पाकिस्तान की रुचि हो भी नहीं सकती, लेकिन देश के अंदर निहित स्वार्थ वाले लोग भी समाधान नहीं चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, "राजनेता हों या सुरक्षा बल या समाज के किसी वर्ग के लोग, सभी में निहित स्वार्थ पनपा है। पाकिस्तान तो एक समस्या है ही, लेकिन हमारे देश में भी समस्याएं पैदा की जा रही हैं।"
पिल्लै ने कहा कि जरूरत इस बात की है कि राज्य के लोगों द्वारा ऐसे स्वार्थी तत्वों को 'करारा जवाब' दिया जाए। यह तभी हो सकता है, जब लोगों को सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में सुशासन लाने के लिए स्थानीय निकायों को व्यापक शक्ति हस्तांतरण करने की दिशा में विचार कर रही है।
कश्मीर समस्या के समाधान में राज्य के भीतरी और बाहरी प्रत्येक व्यक्ति को अपनी हैसियत के हिसाब से सहयोग देने की आश्वकता पर बल देते हुए पिल्लै ने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति को कश्मीर समस्या पर पुनर्विचार करना चाहिए और फिर से सोचना चाहिए कि इसका समाधान कैसे होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications