गोवा में 'समर्थ' व्यक्ति को विकलांगता पुरस्कार
पणजी पुलिस को दर्ज कराई गई एक औपचारिक आपराधिक शिकायत में 'डिस्एबिलिटी राइट्स एसोसिएशन ऑफ गोवा' (डीआरएजी) के एव्लिनो डी'सा ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ विकलांग कर्मचारी का राज्य पुरस्कार धोखाधड़ी कर हर्षा जोशी को दिया गया है, जो विकलांग व्यक्ति होने के लिए आवश्यक नियम पूरे नहीं करतीं। इस पुरस्कार के तहत एक प्रमाणपत्र व 25,000 रुपये की राशि दी जाती है।
हर्षा धवलिकर के विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं।
एव्लिनो ने अपनी शिकायत में कहा, "पुरस्कार योजना के नियमों और शर्तो के मुताबिक विकलांगता अधिनियम, 1995 के अनुसार परिभाषित विकलांग कर्मचारियों को ही उनके पिछले तीन सालों की अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए यह पुरस्कार दिया जा सकता है।"
अधिनियम के मुताबिक 40 प्रतिशत तक या उससे अधिक विकलांगता होने पर ही किसी व्यक्ति को विकलांग माना जा सकता है।
शिकायत में कहा गया है कि 2010 के इस पुरस्कार के योग्य व्यक्तियों का चयन करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष धवलिकर थे, जिन्होंने हर्षा जोशी को यह पुरस्कार दिया है। विकलांगता अधिनियम के मुताबिक हर्षा केवल 36 प्रतिशत तक ही विकलांग हैं और उनके नाम कोई खास उपलब्धियां भी नहीं हैं।
एव्लिनो का कहना है कि यह धोखाधड़ी का मामला है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार के लिए एक ऐसा उम्मीदवार था जो 50 प्रतिशत तक विकलांग था और जिसके नाम कई उपलब्धियां भी थीं लेकिन पुरस्कार देने में उसकी अनदेखी की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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