हर्षोल्लास के साथ मनाई गई मकर संक्रांति (लीड-1)
दिल्ली में मकर संक्रांति के अवसर पर आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें लहराती दिखीं। उत्साह में डूबे बच्चों और बड़ों ने जमकर पतंगबाजी में हिस्सा लिया और रेवड़ियां व अन्य मिठाईयां खाईं। देशभर में फसलों के कई त्योहार मनाए जाते हैं और मकर संक्रांति उन्हीं में से एक है।
दिल्लीवासियों ने शुक्रवार तड़के से ही मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर इस त्योहार की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को ताजा गन्ने, चावल और तिल से बने पकवानों को भोग लगाया।
उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम तट पर मकर संक्रांति के मौके पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाने के बाद पूजा-अर्चना करके दान-पुण्य किया।
तड़के चार बजे से ही संगम पर श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का सिलसिला शुरू हो गया था। देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचे। संगम तट पर शुक्रवार से विश्वप्रसिद्ध माघ मेले की भी शुरुआत हो गई है। प्रदेश के दूसरे नगरों में भी लोगों यमुना, गोमती, सई, रामगंगा सहित अन्य नदियों में डुबकी लगाकर मंदिरों में पूजा पाठ की।
पटना सहित बिहार के सभी क्षेत्रों में भी मकर संक्रांति के मौके पर गंगा सहित कई नदियों में लाखों लोगों ने डुबकी लगाई। इस मौके पर श्रद्घालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य भी किया।
पटना में गंगा स्नान के लिए लोग गुरुवार से ही जुटने लगे थे। शुक्रवार को ठंड के बावजूद सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों में पहुंचकर लोगों ने स्नान किया।
विद्वानों के मुताबिक इसी दिन सूर्य धनु से मकर राशि में जाता है। पंडितों का कहना है कि सूर्य के धनु से मकर राशि में जाने से खरमास भी समाप्त हो जाता है और शुभ कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं।
बिहार के बक्सर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया सहित सभी स्थानों में लोगों ने मकर संक्रांति मनाई। इस दिन चूड़ा-दही तथा तिलकुट खाने की भी परम्परा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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