'कश्मीर को सशस्त्र बल विशेषाधिकार पर करना चाहिए विचार'
पिल्लै जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में कश्मीर सम्बंधी एक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर सरकार क्यों विश्वास पूर्वक यह फैसला नहीं लेती है कि पूरा जम्मू एवं कश्मीर या राज्य का कोई खास हिस्सा अब अस्थिर नहीं है। यह विशेषाधिकार कानून उन जगहों पर लागू होता है, जिसे राज्य सरकार अस्थिर घोषित करती है।
पिल्लै ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस अधिकारी और सैन्य कमांडर जल्दी ही अस्थिर क्षेत्र कानून (डीएए) पर विचार करने के लिए एक बैठक करेंगे। यह कानून राज्य में सशस्त्र आतंकवादी गतिविधि शुरू होने के बाद 1990 में लागू किया गया था।
पिल्लै ने कहा कि माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय उन क्षेत्रों में यह विशेषाधिकार समाप्त करना चाहता है, जहां हालत में काफी सुधार हुआ है। उधर रक्षा मंत्रालय इसलिए इसे लागू रखने के पक्ष में है, क्योंकि उसका मानना है कि आतंकवाद से लड़ने में यह कानून एक रक्षा कवच के रूप में काम करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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