वार्षिक महंगाई दर 8.43 फीसदी हुई
सरकार ने गुरुवार को महंगाई पर काबू पाने के लिए कई कदमों की घोषणा की थी जिसमें आयात और निर्यात को विनियमित करने वाले कदम भी शामिल हैं। सरकार ने प्याज की सरकारी एजेंसी के माध्यम से आयात करने, सरकारी कम्पनियों को दालों का आयात करने और जमाखोरी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की बात कही थी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसम्बर माह में प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में 3.5 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि ईंधन सूचकांक में एक फीसदी और विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में 0.4 फीसदी की वृद्धि हुई।
आशा के मुताबिक खाद्यान्न वस्तुओं के सूचकांक में दिसम्बर के दौरान 3.7 फीसदी की वृद्धि हुई।
मुखर्जी ने यहां पत्रकारों से कहा, "मासिक थोक मूल्य सूचकांक मध्यम रहा। जिस तरह से दिसम्बर के दौरान साप्ताहित उतार-चढ़ाव आया उसे देखते हुए सूचकांक के और ऊपर पहुंचने की आशंका थी।'
उन्होंने कहा, "यह नवंबर के आंकड़ों से ज्यादा है लेकिन अगस्त के बाद से मासिक आंकड़ों में गिरावट का रुख जारी है जो बना हुआ है।"
उन्होंने यह भी कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतों का 75 फीसदी हिस्सा आयात किया जाता है। ऐसे में महंगाई दर पर केवल घरेलू अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति से जुड़े कदमों से रोक नहीं लगाई जा सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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