दिव्या मामले में पुलिस अफसरों पर गिरी गाज
लखनऊ, 13 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित दिव्या बलात्कार मामले में मायावती सरकार ने लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन पुलिस उप महानिरीक्षक सहित चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गुरुवार को कड़े कदम उठाए।
प्रदेश सरकार ने जहां कानपुर के तत्कालीन पुलिस उप महानिरीक्षक प्रेम प्रकाश के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है, वहीं एक पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) लाल बहादुर, क्षेत्राधिकारी एल. मिश्रा और थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। इन तीनों के खिलाफ भी जांच जांच शुरू करने तथा थाना प्रभारी (कल्याणपुर) अनिल कुमार के खिलाफ सबूतों से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
राज्य के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल को इन मामलों की जांच सौंपी गई है। वह दो सप्ताह के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगे।
घटना पिछले वर्ष 27 सितम्बर की है। कानपुर के कल्याणपुर स्थित भारतीय ज्ञानस्थली स्कूल की 12 वर्षीय छात्रा दिव्या का स्कूल परिसर में बलात्कार हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने पहले इस मामले में एक निर्दोष युवक मुन्ना को गिरफ्तार किया था। बाद में पीड़त बच्ची की मां ने पुलिस पर असली आरोपी स्कूल मैनेजर के बेटे पीयूष को बचाने का आरोप लगाते हुए पारदर्शी जांच की मांग की, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबी-साआईडी से कराने के आदेश दिए थे।
बाद में सीबी-सीआईडी की जांच में पीयूष पर आरोप सिद्ध हुए थे और मुन्ना बेकसूर पाया गया था। पीयूष फिलहाल जेल में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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