मप्र में किसान ने खुद को आग लगाई
दमोह, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की जिंदगी पर प्रकृति की मार और भारी पड़ने लगी है। यही कारण है कि वे जान तक देने पर आमादा हैं। दमोह जिले में ऐसे ही एक हताश युवा किसान नन्हे जोशी ने गुरुवार को खुद को आग के हवाले कर दिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक पटेरा थाना क्षेत्र के हरतालपुरा के नन्हे के पास चार एकड़ जमीन है, जिस पर उसने अरहर की फसल बोई है। इस फसल को इल्ली लगभग चट कर गई है। इतना ही नहीं, उस पर 50 हजार रुपये का कर्ज भी है।
नन्हे की भाभी सूरज बाई का कहना है कि चौपट हो चुकी फसल और कर्ज से उनका देवर परेशान था। उसने गुरुवार को घर के भीतर अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली। नन्हे को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मालूम हो कि प्रदेश में 28 दिनों के भीतर सात किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें से दो-दो किसान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर एवं कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया के गृह जिले दमोह के थे। इसके अलावा सागर, नरसिंहपुर व छिंदवाड़ा में एक-एक किसान ने आत्महत्या की है। वहीं दमोह में पांच किसानों ने आत्महत्या की कोशिश की है, जिनका जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक में से किसी ने अभी तक आत्महत्या और इसके प्रयास के एक भी मामले की वजह कर्ज तथा फसल को चौपट नहीं माना है। किसान और उनके परिजन चीख-चीखकर कर्ज व फसल चौपट होने की बात कह रहे हैं, मगर प्रशासन किसी को नशेड़ी तो किसी को मानसिक रोगी बताने पर तुला हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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