वैश्विक विकास में भारत और विकासशील देशों की प्रमुख भूमिका

वाशिंगटन, 13 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व बैंक के मुताबिक भारत और अन्य विकासशील देशों की अगुवाई में वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के बाद तेज सुधार वाले चरण से निकलकर अब अपेक्षाकृत धीमे लेकिन सतत विकास के चरण में पहुंच चुकी है, जो अगले साल तक बनी रहेगी।

विश्व बैंक की गुरुवार को जारी वैश्विक आर्थिक अनुमान 2011 रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में विश्व का आर्थिक विकास 3.9 फीसदी रहने की सम्भावना है, और अगले साल कुछ धीमा होकर इसके 3.3 फीसदी रहने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील देशों को आगे तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। ये हैं : वित्तीय बाजार में अस्थिरता, बड़े आकार में पूंजी प्रवाह में अस्थिरता और खाद्य वस्तुओं में महंगाई।

बैंक के मुताबिक इन देशों को इन तात्कालिक संकट के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा उन कारणों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसकी वजह से ये तात्कालिक संकट हैं।

बैंक ने कहा कि अधिकतर विकासशील देशों ने मंदी के संकट को अच्छी तरह से झेला और वे अभी मंदी से पहले वाली स्थिति में आ चुके हैं या उसके करीब हैं।

रिपोर्ट में विकासशील देशों के लिए 2010 और 2011 में विकास दर के क्रमश: सात फीसदी और छह फीसदी पर रहने की सम्भावना जताई गई है। उधर विकसित देशों के लिए यह दर लगभग आधी रहने की सम्भावना बताई गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+