जैक्सन के डॉक्टर पर हत्या का मामला

डॉक्टर मरे जैक्सन के निजी चिकित्सक थे
अमरीका में एक अदालत ने कहा है कि गायक माइकल जैक्सन के निजी डॉक्टर के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या का मामला चलाया जाए.
ये आदेश लॉस एजेंलेस में हुई सुनवाई के दौरान दिया गया. डॉक्टर कॉनरैड मरे पर आरोप है कि उन्होंने माइकल जैक्सन को दवाइयों में मिलाकर एनेसथेटिक या बेहोश करने वाला पदार्थ दिया जो घातक साबित हुआ और बाद में उनका ठीक से उपचार नहीं किया.
57 वर्षीय डॉक्टर मरे ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने जैक्सन को ऐसी कोई दवाई नहीं दी जो घातक साबित हो सकती थी.
डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने जैक्सन को प्रोपोफ़ोल दिया था ताकि वे सो सकें. जब जून 2009 में माइकल जैक्सन की मौत हुई थी तो डॉक्टर मरे उनके साथ थे.
लॉस एजेंलेस में छह दिनों तक चली सुनवाई में 20 से ज़्यादा लोगों ने गवाही थी जिसके बाद जज ने कहा है कि पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जिस बिनाह पर ये कहा जा सकता है कि डॉक्टर मरे को कोर्ट में मुक़दमा लड़ना पड़ेगा.
कैसे हुई मौत
दो डॉक्टरों ने गवाही दी है कि चिकित्सिय देखभल को लेकर जो कायदे होते हैं डॉक्टर मरे ने उनका पालन नहीं किया.
इन दोनों डॉक्टरों का कहना है कि अगर जैक्सन ने ख़ुद से ही एनेस्थेटिक लिया था, तो भी उनके डॉक्टर के रवैये की वजह से ये हत्या का ही मामला बनता है.
जज ने डॉक्टर मरे का मेडिकल लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है और कहा है कि अगर वे चिकित्सा का काम जारी रखते हैं तो इससे कैलीफ़ोर्निया को ख़तरा है.
अगर वे दोषी पाए गए तो चार साल तक जेल की सज़ा हो सकती है.
किंग ऑफ़ पॉप कहे जाने वाले माइकल जैक्सन का 25 जून 2009 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
साँस रुकने की शिकायत के बाद पैरामेडिक्स टीम को उनके लॉस एंजेलेस स्थित घर पर बुलाया गया था. बाद में उन्हें हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया. लेकिन दो घंटे बाद डॉक्टरों ने उनकी मौत की घोषणा कर दी थी.


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