भारत-मोजाम्बिक के बीच कोयला खनन में सहयोग पर चर्चा
कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में यह जानकारी दी।
कोयला राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष सहित कोयला मंत्रालय के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दिन की यात्रा पर मोजाम्बिक की राजधानी मैपुटो में हैं। वहां उन्होंने मोजाम्बिक सरकार की खनिज संसाधन मंत्री एस्परैंका बाएस से कोयला खनन में सहयोग बढ़ाने पर सोमवार को बातचीत की।
एस्परैंका ने कहा कि मोजाम्बिक कोयला खनन के विषय में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहेगा और इस बात का आश्वासन दिया कि उनकी सरकार कोल इंडिया लिमिटेड को और अधिक कोयला ब्लॉक आवंटित करने के भारत के अनुरोध पर विचार करेगी। दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि आगे द्विपक्षीय सहयोग के अवसर व तौर-तरीकों पर कार्य समूहों की एक बैठक अप्रैल, 2011 में करेंगे।
कोल इंडिया लिमिटेड को मोजाम्बिक में पहले ही दो कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं जिनमें शीघ्र ही कार्य आरंभ हो जाएगा। कोयले की लदाई के लिए नजदीकी बंदरगाह तक सड़क सम्पर्क तथा अन्य आधारभूत आवश्यकताओं पर भी वार्ता में चर्चा हुई। दोनों ब्लॉकों को जल्द चालू करने के लिए अनिवार्य औपचारिकताओं को पूरा करने तथा आधारभूत सहयोग प्रदान करने का मोजाम्बिक सरकार ने आश्वासन दिया।
जायसवाल ने कहा कि भारत ने यह निर्णय किया है कि वह 88 करोड़ रुपये के निवेश से मोजाम्बिक में खनन के क्षेत्र में योजना एवं मानव संसाधन प्रशिक्षण के लिए दो संस्थान स्थापित करेगा। इन संस्थानों के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित इनकी रूपरेखा पर चर्चा हुई। मोजाम्बिक कार्मिकों को इन खनन संस्थानों में प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव भी जायसवाल ने रखा।
जायसवाल ने मोजाम्बिक के अन्दरूनी मामलों के मंत्री तथा शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। जायसवाल एक अस्पताल में आयोजित किए जाने वाले एक समारोह में भारत सरकार की ओर से विकलांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग प्रदान करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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